कूर्मः शशकः च
एकस्मिन् वने कूर्मः आसीत्। एकः शशकः अपि आसीत्।
शशकः शीघ्रं धावति। कूर्मः शनैः शनैः गच्छति।
एकदा शशकः अवदत्—
“अहं शीघ्रं धावामि। त्वं मन्दं गच्छसि।”
कूर्मः अवदत्—
“आगच्छ। स्पर्धां करवाव।”
उभौ धावितुम् आरब्धवन्तौ।
शशकः अतीव शीघ्रं धावितवान्। सः मार्गे वृक्षस्य अधः सुप्तवान्।
कूर्मः शनैः शनैः अगच्छत्। सः न अविश्रान्तः अभवत्।
अन्ते कूर्मः प्रथमः लक्ष्यं प्राप्तवान्।
शशकः पश्चात् उत्थितवान्। सः धावितवान्। किन्तु विलम्बः अभवत्।
कूर्मः विजयी अभवत्।
शिक्षा —
सततः प्रयासः सफलतां ददाति।
हिंदी अनुवाद
एक वन में एक कछुआ रहता था। वहाँ एक खरगोश भी रहता था।
खरगोश बहुत तेज दौड़ता था। कछुआ धीरे-धीरे चलता था।
एक दिन खरगोश ने कहा—
“मैं बहुत तेज दौड़ता हूँ। तुम बहुत धीरे चलते हो।”
कछुए ने कहा—
“आओ, हम दोनों दौड़ की प्रतियोगिता करें।”
दोनों ने दौड़ना शुरू किया।
खरगोश बहुत तेज दौड़ा। फिर वह रास्ते में एक पेड़ के नीचे सो गया।
कछुआ धीरे-धीरे चलता रहा। वह कहीं नहीं रुका।
अंत में कछुआ सबसे पहले लक्ष्य तक पहुँच गया।
खरगोश बाद में जागा। वह तेज़ी से दौड़ा, लेकिन तब तक बहुत देर हो चुकी थी।
कछुआ विजेता बना।
शिक्षा —
निरंतर प्रयास करने वाला व्यक्ति अवश्य सफल होता है।
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English Translation
The Tortoise and the Hare
Once, there was a tortoise in a forest. There was also a hare.
The hare could run very fast. The tortoise walked slowly.
One day, the hare said,
“I run very fast. You walk slowly.”
The tortoise replied,
“Come, let us have a race.”
Both of them started the race.
The hare ran very fast. Then he lay down under a tree and fell asleep.
The tortoise kept moving slowly and steadily. He did not stop.
At last, the tortoise reached the finish line first.
The hare woke up later. He ran as fast as he could, but it was too late.
The tortoise became the winner.
Moral:
Steady and continuous effort leads to success.
नोट- हमारा प्रयास शत-प्रतिशत व्याकरणिक शुद्धता (without any Grammatical mistake) का होता है, फिर भी यदि कोई त्रुटि दिखलाई पड़े तो तुरंत टिप्पणी करें। कई बार हम व्याकरणिक शुद्धता के स्थान पर उसके प्रचलित और व्यावहारिक शब्दों को प्राथमिकता दे देते हैं।

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